Saturday, September 30, 2017

फुट स्पा जो आपके पैरों को बनाए सुंदर



आज सुंदर लगना हर दूसरी महिला चाहती है। ऐसे में पैरोे को  सुंदर बनाना भी आपके स्टेटस पर प्रभाव डालता है। आजकल इतनी अच्छी टेक्नालाॅजी चल पड़ी है कि आप भी अपने लेग्स को ब्यूटीफूल बना सकती है। फुट स्पा से बनाए सुंदर कोमल पैर-

फुट स्पा ट्ीटमेंट
फुट स्पा का सम्बन्ध पानी से है। पैरों को पानी में रखा जाता है जिससे आप रिलेक्स फिल करती हैं।क्योंकि पानी में ऐसी हीलिंग प्राॅपटीज है,जो न सिर्फ पैरों को सुंदर बनाती है,बल्कि आप रिलेक्स फील भी करती है। इसमें मसाज की जाती है साथ ही डेड सेल्स को हटाया जाता है।किसी किसी केस में फुट स्पा पेन से छुटकारा दिलाने के लिए भी होता है।

घर पर फुट स्पा
स्पा में एक अच्छे माहौल का होना बहुत जरूरी है। अगर फुट स्पा घर में कर रही है तो भी आपके एक पीसफुल माहौल चाहिए। ससे पहल किसी परफयूम या फिर अरोमा थेरेपी कैंडल,या फिर म्यूजिक के द्वारा माहौल को खुशनुमा बनाए।

किस तरह करे फुट स्पा
फुट स्पा के लिए एक छोटा टब लें लें,जिसमें आप अपने पैर डुबो सके। इसके अलावा मसाज के लिए आॅयल,स्क्रब और टाॅवेल भी चाहिए। टब ो गर्म पानी से भर लें। थोड़ा सा रोज वाॅटर या कुछ बूंदे रोज या लैवेंडर एसेंशियल आॅयल की डालें,साथ ही थोड़ा ा साॅल्ट और प्योर एलमंड आॅयल भी पानी में डालें।गुलाब की या कोई और फूलों की पंखुड़िया भी डाल सकती है।

स्क्रबर बनाएं
स्क्रबर बनाने के लिए आप एलमड मील,आॅट मील या चोकर का इस्तेमाल कर सकती है।आप इनमें आॅरेंज और नींबू के सूखे छिलकें,नमक या पिसी चीनी मिला सकती है।
कर्ड,मिल्क या आॅयल भी आप डाल सकती हैं अस मिक्सचर में।घर में यूज होने वाला वेजिटेबल आॅयल भी यूज कर सकती हैं,जैसे सनफलाॅवर आॅयल,सीसम सीड या आॅलिव आॅयल।

स्क्रब करने का तरीका
डपर दी गई चीजों का मिक्सर बनाकर पैरों पर लगाएं। 15 से 20 मिनट बाद उसे सर्कुलर मूवमेंट मे रब करें।एड़ियों पर ज्यादा ध्यान दें। फिर उस पानी से धो लें।उसके बाद पैरों को तेल या क्रीम से मसाज करें।जितनी भी एक्सट्ा क्रीम है,उसे गीले टाॅवेल से हटाएं। एक चम्मच शहद को 50 एमएल रोज वाॅटर में मिलाकर लगाएं। फिर आधे घंटे के लिए बैठकर रिलेक्स करें। उसके बाद उसे साफ पानी से धो लें।

कुछ जरूरी बातें
पैरों को बाॅडी के दूसरे पाट्र्स से ज्यादा केयर की जरूरत होती है। फुट स्पा ट्ीटमेंट से न सिर्फ पैरों की स्किन अच्छी बनती है,बल्कि ब्लड सर्कुलेशन भी इंपू्रव होता है।
आजकल पूरी तरह तंदूरूस्त होना इंर्पोटेंट है। तभी स्पा ट्ीटमेंट में नेचुरल थेरेपीज और टेक्निक्स यूज होता है।
फुट स्पा करते समय मेन एड़ियों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है।डीप टिश्यूज मसाज और अन्य मसाज दी जाती है,जो असल में स्ट्ेस दूर करने और रिलेक्स फील कराने में मदद करती है।
फुट स्पा अगर अनुभवी थेरेपिस्ट और प्रोफेशनल से करवाई जाए तो वे इस पूरे ट्ीटमेंट को फायदेमंद और रिलेक्सेबल बना देतें है।
यदि आप खुद मसाज करेगी तो शायद आप एन्ज्वाॅय नहीं कर पांए इसलिए किसी और से कराएंगी तो अच्छा रहेगा।

फैशनेबल स्लिव्स....


ब्राइट कलर्स और मन को भा जाने वाले प्रिंटस सूट और साड़ियों में खूब पसंद किए जा रहे है। लेकिन जब स्टाइल की बात आती है तो सूट और साड़ी के ब्लाउज दोनो में डिजाइनर स्लीव्स काफी इन है। जिससे आप सिंपल से स्टाइलिश बन जाती है। यहां हम आपको बता रहे है कि आप किस तरह सूट और ब्लाउज मे डिजाइनर स्लीव्स बनवा सकती है-

फूल स्लीव्स
आजकल फूल स्लीव्स काफी इन है इनमे काफी पैटर्न देखने को मिल रहे है जिसे आप अपनी साड़ी और सूट के अकोर्डिंग बनवा सकती है-

डिजाइनर नेट
यदि आपकी साड़ी या सूट काफी सिंपल है और आप चाहती है  कि वे डिजाइनर लुक दे तो आप ब्लाउज या सूट की स्लिव्स के लिए डिजाइनर नेट यूज करे आप देखेंगी कि आपकी ड्ेस की लुक ही चेंज हो गई। डिजाइनर नेट में काफी सारी वैरायिटी और पैटर्न मार्केट में अवलेबल है।

ब्रासो
सूट और ब्लाउज में यदि आप ब्रासो की स्लिव्स लगवाती है तो वे पार्टी वियर लुक के साथ एक हाॅट लुक देगा। इसमें भी बहुत सी वैरायिटी आती है। डाॅट प्रिंट और फलोवर प्रिंट काफी पसंद किए जा रहे है।

नेक एंड लाॅन्ग ट्ांसपेंरट स्लिव्स
यदि आप बोल्ड दिखना चाहती है तो नेक और स्लिव्स मेें ट्ांसपेरंट फेब्रिक का यूज करे। इसमें आप प्लेन नेट और शिफोन जैसे फैब्रिक का यूज कर सकती है। साथ ही ब्राइट कलर्स और ट्ांसपेरंट फैब्रिक आपको मार्डन बना देगा। इनके जरिए आप रेट्रो व बोल्ड लुक बखूबी आजमा सकती हैं।

लाइक्रा
आपने कभी गौर किया होगा कि बाॅलीवुड एक्ट्ेस काफी फिटेड स्लिव्स पहनती है और आपकी स्लिव्स उतनी फिटेड नहीं होती । यदि आप भी चाहती है फिटेड फूल स्लिव्स तो लाइक्रा फैब्रिक की स्लिव्स बनवाए ये काफी स्ट्ेचेबल होता है और आपकी स्किन से चिपक जाता है। इसमें काफी कलर्स और डिजाइन मार्केट में अवलेबल है।

प्रिंटेड स्लिव्स
सूट या साड़ी के प्रिंट के अकोर्डिंग आप सिल्क या शिफोन में प्रिंटेड स्लिव्स लगवा सकती है। ये भी काफी अच्छा लुक देती है। यदि आपकी साड़ी या सूट में लाइनो वाला डिजाइन है तो आप फलोवर प्रिट की स्लीव्स लगवाती है तो वे काफी अच्छा लुक देगी।

प्लेन फूल स्लीव्स
यदि आप सिर्फ प्लेन फूल स्लीव्स को पहनना चाहती है तो प्लेन नेट लगवा सकती है साथ ही इसके साथ सूट या साडी से मैच करती हुई पाइपिंग या बार्डर लगवा सकती है वे भी काफी अच्छा लुक देता है। और यदि आप वेलवेट का ब्लाउज कैरी कर रही है तो उसमें भी फूल स्लीव्स बनवा सकती है साथ ही वेदर चेंज हो रहा है तो ये आपको सूट भी करेगी।

क्वाटर स्लीव्स
आजकल सूट और साड़ी में क्वाटर स्लीव्स भी काफी इन है। यदि आप क्वाटर स्लीव्स कैरी करती है तो ये आपके लुक को डिफरेंट बना देती है। कई महिलाएं फूल स्लीव्स नहीं पहन पाती है तो वे क्वाटर स्लीव्स ट्ाई कर सकती है। क्वाटर स्लीव्स में भी आप डिजाइनर नेट,लाइक्रा,प्लेन नेट,प्रिंटेड फैब्रिक अपना सकती है।

पफ स्लीव्स
पफ स्लीव्स भी ब्लाउज में एक डिफरेंट लुक देती है। लेकिन यह ध्यान देना काफी जरूरी है कि आपकी हेल्थ कैसी है यदि आपकी बाजू मोटी है तो आप पर ये स्लीव्स सूट नहीं करेगी।

एम्ब्रायडी स्लिव्स
नेट की स्लिव्स हो या शिफोन की यदि उसमें  आपको हैवी लुक चाहिए तो एम्ब्रायडरी करवा सकती है। फूल स्लिव्स में आगे की तरफ हाफ स्लिव्स पर आप कलरफूल या सूट और साड़ी से मैच करती हुई एम्ब्रायडरी करवा सकती है। या फिर पैच का इस्तेमाल कर सकती है इनकी कई वैरायिटी मार्केट में अवलेबल है। क्वाटर स्लिव्स में बूटियों वाली एम्ब्रायडरी काफी अच्छा लुक देती है साथ ही इसमें स्टोन का यूज किया जाता है जिससे ये काफी अट्ैक्टिव लगती है ।

इन बातों पर ध्यान दें-
-हमेशा ध्यान दे फैब्रिक चुभने वाला नहीं होना चाहिए साथ ही आरामदायक हो।
-हाथों की शेप के अकोर्डिंग स्लिव्स बनवाए यदि आपके हाथ पतले है तो क्वाटर स्लिव्स आप पर खूब जमेगी।
-मोटी बाजुओं वाली महिलाओं को कड़क या फूले हुए फैब्रिक की बजाए साॅफट फैब्रिक पहनना चाहिए जिससे कि बाजुए मोटी न नजर आए।
-साड़ी या सूट के वर्क और फैब्रिक के अकोर्डिंग ही स्लिव्स बनवाए साथ ही ओकेजन को ध्यान में रखे।


मेकअप में ब्लू एण्ड ग्रीन कलर



यदि आप मेकअप में चल रहे हर ट्ेंड को अपनाना चाहती है तो कलर्स पर ध्यान दे। क्योंकि मेकअप में कलर्स बहुत मायने रखते है। ब्लू और ग्रीन कलर्स की तो जैसे धूम मची हुई है। काॅलेज गल्र्स हो या वर्किंग वूमेन्स सभी को ये कलर्स मन भा रहे है। आप भी ब्लू और ग्रीन के ट्ेंड को फोलो करना चाहती है। तो हम आपको बताते है कैसे मेकअप में इन्हे अपनाएं।


आईलाइनर
ब्लैक आईलाइनर के अलावा आप ब्लू और ग्रीन आईलाइनर को अपनी मेकअप किट में शामिल करें। कोई भी ड्ेस हो सभी ये काफी हाॅट लुक देते है। और आपकी आंखों का जादू भी दूसरों पर चला देगा। यदि आप इसे आंख के उपर और नीचे दोनो तरफ लगाएंगी तो काफी अट्ैक्टिव लुक देगा।
वैसे तो आप इसे किसी भी ड्ेस के साथ लगा सकती है। लेकिन यदि आप पिंक कलर की ड्ेस या साड़ी पहन रही है तो ये काफी अच्छा लुक देता है।
और यदि आपकी ड्ेस ग्रीन या ब्लू है तो मैचिंग की तो बात ही अलग है।

लिपस्टिक
ब्लू और ग्रीन आईलाइनर लगाते समय आप इस बात पर ध्यान दें कि लिपस्टिक के पिंक से लेकर पर्पल तक शेडस अपनाएं। रेड कलर को तो अवाॅइड ही कर दें। आजकल नेचुरलस कलर इन है तो लिप्स पर उनमें से कोई कलर लगाएं जैसे पीच कलर इत्यादि। साथ ही मेकअप में बेस बिल्कुल नेचुरल दिखना चाहिए।


आईशैडो
यदि आप ब्लू और ग्रीन कलर का आइलाइनर नहीं लगाना चाहती तो आईशैडो लगाएं इसके साथ आप ब्लैक कलर का लाइनर लगाएंगी  तो सही रहेगा। यह लुक आंखों को झिलमिलाता इफेक्ट देगा।आंखों पर पहले ब्लू व ग्रीन षैडो को मिक्स कर के लगाएं। यदि ब्लू लाइनर यूज करना चाहती है तो ब्लू मैटेलिक आईलाइनर से आंखों की षेप केा डिफाइन करें। फैषनेबल लुक के लिए बरौनियों को कलरफुल ज्वैल्स से हाईलाइटर करें।

मस्कारा
मस्कारा जो हल्की पलको को भी भरा बना कर आख्ंाो को अट्ेक्टिव बना देता है। इसमें यदि आप ब्लू या ग्रीन कलर यूज करना चाहती है तो आप उसी कलर के लैंस को लगाएं फिर देखिए आपकी आंखे कितनी खुबसूरत दिख उठेगी। इसके साथ आप चाहे तो इसी कलर का लाइनर और आईशैडो भी यूज कर सकती है।

आईब्रो
मेकअप को यदि आप और भी अलग लुक देना चाहती है तो आईब्रोज और पलकों पर एक ही कलर का यूज करें। साथ ही आईलाइनर भी मैचिंग का आप लगा सकती है।

नेल पेन्ट
लिपस्टिक और नेलपेंट के लिए गल्र्स क्रेजी हैं। हल्की लिपस्टिक और नेलपेंट लगाना उनके डेली कॉस्मेटिक में शामिल है। अब बात आती है कि फेवरेट कलर की। हर चीज का एक ट्ेंड  होता है। उस ट्ेंड को देखतें ही उस कलर की डिमांड होती है। रेग्यूलर से हट कर कुछ नया ट्ाय करना चाहिए। ब्लू और ग्रीन कलर्स को अपनाए। ये काफी ट्ेंड में है आप इन्हे ट्ाय कर सकती है। और अलग लग सकती है। और आपकी ब्लू और ग्रीन ड्ेस तो जैसे और भी खुबसूरत लग उठेगी।

ब्लू एंड ग्रीन का राज
ब्लू और ग्रीन के कई शेड्रस ट्रेंड में हैं ं रेड और मैरून का यूज कम हो गया है। यदि आप डीप शेड में ग्रीन कलर पहनना चाह रही है तो यह तभी पहनना ठीक रहेगा, जब कोई विशेष अवसर हो। अगर आप और कैजुअल लुक चाहते हैं तो नीला या हल्के रंग देख सकते हैं।

इन बातों रखें ख्याल
-ब्लू और ग्रीन कलर ज्यादातर फेयर काम्प्लैक्शन पर ज्यादा अच्छा लगता है हो सके तो वो ही इसे ट्ाई करे।
-हमेशा अच्छी कम्पनी का कास्मैटिक ही खरीदे। क्योंकि वो ज्यादा इफेक्ट देते है साथ ही ज्यादा देर तक टीके रहते है।
-कुछ ऐसी ड्ेस जैसे पिंक,व्हाइट,ब्लैक इन पर आप ब्लू और ग्रीन कलर का आइलाइनर लगाने में सोचे नहीं ये अट्ैक्टिव लुक देगा।
-लैंस को हमेशा लाइनर या मस्कारा से मैच करते हुए ही लगाएं।
-ग्रीन या ब्लू कलर के साथ हमेशा मेकअप लाइट होना चाहिए। क्योंकि इसके साथ डार्क मेकअप काफी भददा लगता है।
-लिपस्टिक का कलर लाइट रखेंगी तो अच्छा इफेक्ट देगी।

ब्यूटी एक्सपर्ट भारती तनेजा से बातचीत पर आधारित

अपने बेड को बनाए हाइजनिक



चलो रीना आज मैं तुम्हे अपने घर लेकर चलती हूं और जब मैं उसके घर गई तो घर की हालात इतनी खाराब हो रही थी कही किताबें गिरी हुई तो कही सोफो के कवर और जब अपने बैडरूम में लेकर गई तो मुझसे बैठा नहीं गया न जाने कितने दिनों से मैली चादर बिछी हुई थी और मच्छरों ने तो काट काट कर हाल बेहाल कर दिया था। एक अस्त व्यस्त घर आपकी रेपोटेंषन पर तो असर डालता है साथ ही आपके स्वास्थ्य पर इसका काफी असर होता है। सबसे अहम हिस्सा आपका बेडरूम होता है जहां आप चैन के पल बिताते हैं इसका साफ सुथरा होना बेहद आवष्यक है आईए हम आपको कुछ टिप्स बताते है जिससे आप अपने बेडरूम को हाईजनिक बना सके-

बेड शीट
धूल के कण बिल्कुल सूक्ष्म होते है ये बिस्तर,तकिए और गददो में रहते है और आपकी स्किन को हानि पहुंचाते है। इसके लिए जरूरी है कि आप साफ सफाई पर ध्यान दें-

एक्स्ट्ा बेड शीट रखें
जरूरी है कि बेडरूम में एक्स्ट्ा बेड षीट का होना जो साफ सुथरी हों। जब लगे कि बच्चे या और किसी कारण चादर गंदी हो गई है तो तुरंत चादर बदले।

बदले बैड शीट
चादर चेंज करना भी बेहद जरूरी होता है। ऐसा न सोचे चादर तो गंदी नहीं और पंद्रह दिन तक एक ही चादर बिछाते रहें। लेकिन जरूरी है कि आप एक सप्ताह में दो बार बेड शीट चेंज करें। जिससें आप काफी कंफर्टेबल महसूस करेंगी। जबकि गददे के कवर और रजाई कवर एक महीने में चेंज कर सकती है।

फोलो करे केअर लेबल को
चादर और पिलो कवर को हमेशा ठंडे पानी और कम डिटरजेंट मे धोएं। यदि कोटन या रोज में बिछाने वाली चादर आप घर में धो सकती हैं। लेकिन हेवी व्रक वाली चादर ड्ाई क्लीन कराएं तो अच्छा रहेगा। साथ ही देख ले चादर पर केअर लेबल पर क्या लिखा है।

डोन्ट ओवरड्ाई
धूप में ज्यादा देर चादर और पिलो कवर को न सुखाएं । इससे उनका कलर फेड होने का डर रहता है। साथ ही जल्दी ही उतार लाएं और तय करके रख दें।

गददे की देखभाल
हमेशा गददेे ऐसे होने चाहिए जो आरामदायक हो। जिससे आप चेन की सांस ले सके। लेकिन यदि ये ही गंदे होगे तो ये आपको चेन की नींद तो दूर स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक सिद्ध होंगे-

कवर अप
आजकल मार्केट में गददो को पर चढ़ाने वाले कवर आपको काफी वैरायिटी में मिल जाएंगे जिनकी किमत 250 से 300 तक की हेागी। इससे न तो गददे गंदे होंगे बल्कि आप इन्हे धो भी सकेंगी। कई बार बच्चे कुछ न कुछ बिस्तर पर गिरा देते है इससे आप तुरंत उन्हे उतारकर धो सकेंगी।

रिमूव द डस्ट
आपके गददो पर धूल मिटटी घर कर जाती है और आप सोचने लगती है कि किस तरह गददो को साफ करे इसके लिए आप वैक्यूम क्लीनर इस्तेमाल करें इसके जरिए आप बेड के कोने कोने को साफ कर सकेंगी।

शैम्पू
बहुत बार ऐसा होता है कि बेड पर कुछ ऐसा गिर जाता है तो आप बेड शीट तो उतार देती है लेकिन गददे को सही से साफ नहीं करती इसके लिए आप  नचीवसेजमतल षेम्पू का इस्तेमाल करें या फिर थोड़ा सा डिटरजेंट मिलाकर उस जगह को साफ कर दें। लेकिन ये ध्यान रखें गददे के अंदर पानी न चला  जाए। यदि हो सके तो आप धूप में इसे सुखा दें।


इनके जरिए-
वैक्यूम क्लीनर
वैक्यूम क्लीनर से हम किसी भी कोने को आसानी से साफ कर सकते है जहां हम बैड के गददो को साफ नहीं कर पाते लेकिन वैक्यूम क्लीनर के जरिए धूल मिटटी को आसानी से हटा पाते है। लेकिन ध्यान दें कि वैक्यूम क्लीनर से हमेशा सूखी सतह से धूल मिटटी हटाएं। यदि किसी वजह से बिस्तर गिला हो गया है तो वैक्यूत क्लीनर का इस्तेमाल न करें क्योंकि इससे वैक्यूम क्लीनर खराब होेने का डर रहेगा।ये मार्केट में आपको 3000 से लेकर 8000,10000 तक मिल जाएगा लेकिन फिचर्स के हिसाब से।

वाॅटर साॅफटनिंग
कई बार खारे पानी से आपके बिस्तर पर सफेद सफेद दाग धब्बे लग जाते है इसके लिए वाॅटर साॅफटनिंग प्लांट कारगर सीध हुआ है। वाटर साॅफटनिंग से खारा पानी साफ हो जाता है। यह भी एक्कागार्ड की तरह होता है। इसमें एक फिल्टर और पानी की टंकी होती है। जो छत पर लगायी जाती है। यह ज्यादा जगह नहीं घेरता और पूरी टंकी के पानी को साफ कर देता है। इस पानी से कपड़े अच्छे धुलते है। ये 1000 से 3000 के बीच में लग जाती है।

पेस्ट कंट्ोल
यदि आपके बेडरूम या अन्य किसी कमरे में कीड़े मकोडे़ हो रहे तो पेस्ट कंट्ोल करवा सकतें है। इससे आपके बेडरूम हो रहे कोकरच से आपको छुटकारा मिल पाएगा और यदि एक दो कोकरच दिखाई दे ंतो किसी प्रोफेषनल की मदद के बदले एक स्प्रे से ही काम चल जाएगा। लेकिन ये ध्यान रखें कि कमरा बंद करके स्प्रे करे साथ ही ऐसे में बच्चों को दूर रखें।

डिटरजेंट और शैंम्पू
आज मार्केट मे ंढेरो डिटरजेंट आप रहे जिनसे आप अच्छी तरह बैड शीट वगैरह धो सकती है। दाग धब्बों को हटाने के लिए वेनिश स्टेन डिटर्जेंट का प्रयोग कर सकती हैं। यदि गददो को साफ करना है तो नचीवसेजमतल क्लीनर का इस्तेमाल कर सकती है जो मार्केट मे ं299 का मिल जाएगा।

दाग धब्बे हटाने के लिए घरेलू प्रयोग
-चादर और रजाई के गिलाफ धो कर आखिरी बार खंगालते समय पानी में थोड़ा सिरका मिला दीजिए सिरके के अम्ल से कपड़ों से साबुन का क्षार उतर जाता है। इससे वे एकदम मुलायम हो जाते है।
-जब बिस्तरों में चाय काफी के दाग लग जाए तो कपड़े पर खौलता पानी डालें,न छूटें तो थोड़ा सा बोरेक्स इस के उपर डालें। इस से भी न छूटें तो हाइड्ोजन पैराओक्साइड के घोल से छुड़ाएं इस प्रकार के दाग सुखने के बाद पक्के हो जाते है इसलिए ताजे दाग पर थोड़ा सा टैलकम पाउडर लगा कर सोखें फिर गर्म पानी से धोएं।
-यदि चादर पर चिकनाई के दाग है तो धोने से पहले दागवाले हिस्से पर थोड़ा सा अमाइल एसिड लगाएं और तुरंत साबुन से धो दें। फिर घोल में डालें।
-यदि आप बेडरूम में किसी वूलन के कपड़े को धो रही  है या कुषन कवर वगैरह धो रही है तो जैंटिल में धो सकती है। इन कपड़ो के लिए किसी तरह का हार्ड साबुन या लिक्विड सोप इस्तेमाल नही करें।
-यदि बच्चे ने बिस्तर में पेषाब कर दिया है तो पानी में सिरका डाल दे ंइससे दाग हट जाएगा।

इन पर ध्यान दें-
-यदि चादर कही से उधड़ गई है तेा उसे तुरंत सिलाई या रफू कर लें। धोने में यह और फट सकती है।
-हमेशा ये ध्यान रखें कि चादर या तकिए के कवर  धोएं तो उसकेा अच्छी तरह खंगालें नही तो उनके खराब होने का डर रहता है।
-बेड षीट या पिलो कवर को हमेषा डिटरजेंट में धोए ब्लीच न करें।
-कंबल और उनी वस्त्रों को महीने में दो बार धोना चाहिए।
-डेकोरेटिव पिलो और स्टफड एनिमल्स जब गंदे हो जाए तो उन्हे बेड से हटा  कर धो लें। साथ ही इन्हे हाथ से धोएं।

अपने बेडरूम को बनाए सुकून भरा



जब आप थक हार के घर लौटती है तो चाहती है सुकून भरी नींद। और वो आराम आपको बेडरूम में ही मिलता है। बैडरूम का माहौल शांत और खुशनुमा नहीं होगा तो आपको आराम नहीं मिल पाएगा। साथ ही सबसे ज्यादा जरूरी है आपके बेड आरामदायक होना। आज मार्केट मे ंबेड की ढेरो वैरायिटियां है जो आपके बेडरूम के स्पेस और बजट दोनों के अकोर्डिंग है। तो बना लिजिए अपने बेडरूम को सुकूनदायक।

एडजस्टेबल बेड
यह बेड उन लोगों के लिए उपयोगी है,जिन्हें चलने फिरने में परेशानी होती है। इस बेड को आप अपने सहूलियत के अनुसार एडजस्ट कर सकती है। यहि नहीं,इसमें आसानी से चलने वाला एक स्विच लगा होता है। आप बिना किसी परेशानी के इस एडजस्टेबल बेड को अपनी सहूलियत के अनुसार एडजस्ट कर सकती हैं। ऐसे में यह बेड कम जगह में भी बहुउपयोगी साबित होता है। ये आपको 5000 से लेकर 30000 तक की रेज मे मिल जाएंगे।

प्लेटफाॅर्म बेड
यदि आप अपने बेडरूम को कैजुअल लुक देना चाहती है,तो बेशक इस प्लेटफाॅर्म बेड से अपने बेडरूम को सजा सकती है। पाइन वूड  और डीप पाॅलिश वूड और डीप पाॅलिश वूड से बने बेड आजकल फैशन में भी है। नैचुरल रंग की बेडशीट के साथ जरी व कढ़ाई वाले तकिये से सजाने के बाद यह बेड काफी आकर्षक लगता है। ये बेड आपको 7000 के आस पास मिल जाएगा।

महाराजा बेड
यह बेड परंपरागत भारतीय एथनिक शैली को दर्शाता है।यदि आप घर में शाही अंदाज का एहसास कराना चाहती है,तो महाराजा बेड आपके इस शौक को पूरा कर सकता है। लेकिन इस तरह के बेड के लिए कमरा बड़ा होना चाहिए। डार्क वूड पाॅलिश से बने इस बेड को एंटिक लुक देने के लिए नक्काशी पर जोर दिया गया है,जो आपके कमरे की सजावट मे चार चांद लगा देंगे। इसकी रेंज 25000 से शुरू होती है।

लेदर बेड
लेदर से बनी चीजों का फैशन तेा बहुत पहले से ही है,लेकिन आजकल इसका इस्तेमाल घर के फर्नीचर मे भी होने लगा है। सोफा से लेकर बेड तक भी लेदर से बनाए जाने लगे है। हां अपने बेडरूम को कुछ अलग दिखाना चाहती हैं,तो लेदर फर्नीचर आपकी मदद कर सकता है।इसकी रेंज 4000 से शुरू होती है।

फोर पोस्चर बेड
इस तरह के बेड आपके बेडरूम को लग्जीरियस लुक देते है। इसमें संुदर लेस और पारदर्शी कपड़े लगे होते है,जिससे यह बेड किसी फाइव स्टार होटल के कमरे जैसा एहसास कराता है। फैंसी होने के साथ यह मच्छर से भी बचाता है। यदि आप अपने बेडरूम को पेस्टल व साॅफट लुक देना चाहती हैं,तो यह बेड आपके लिए परफेक्ट रहेगा। ये 10000 तक की रेंज में मार्केट में मिल जाएगा।

स्टैंर्डड वूडन बेड
आमतौर पर इस तरह का बेड हर घर में होता है। इस तरह के बेड केा आप किसी भी रूप में सेट कर सकती है। अलग अलग डिजाइन के इस बेड का इस्तेमाल बेडरूम के साथ हाॅल में भी कर सकती है। इससे नीचे के खाली स्पेस का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रिंटेड बेड कवर व रंग बिरंगे तकिये से सजा बेड पीली रोशनी में कमरे को लग्जीरियस लुक देता है। ये 23000 में काफी अच्छा आ जाता है।


सोफा कम बेड
अगर आपके कमरे का साइज छोटा है या हाॅल में बेड के साथ सोफा रखना चाहती है,तो ऐसे में सोफा वाला बेड अच्छा विकल्प हो सकता है ंरात मे ंसोने के लिए इसे बेड का रूप दे सकती है। ये आपको 15000 तक की रेंज में मिल जाएगा।

आयरन बेड
फर्नीचर के रूप में आयरन रांड का उपयोग अब घर के साजो समान के लिए होने लगा है। अपने कमरे को डिजाइनर लुक देना चाहती हैं तो बेशक आप राॅड फर्नीचर ले सकती है। ये 5000 से 25000तक की रेंज में मिल जाएंगें। 

बीन फर्नीचर जो आपके घर केा दे एक अलग लुक



घर को एक खास लुक देने के लिए जरूरी है कि घर में आप ऐसे फर्नीचर को रखें जो अट्ैक्टिव होने के साथ कंफरटेबल भी हो। मार्केट पर यदि आप नजर डाले तो बहुत से आपको ऐसे फर्नीचर मिल जाएंगे जो स्टाइलिश के साथ आपकी बजट में होगे। यहां हम आपको बीन फर्नीचर के बारेे में बता रहे है जो डिफरेंट मटेरियल, कलर्स,साइज में मार्केट में उपलब्ध है साथ ही आपकी बजट देखते हुए कंफर्टेबल है आईए जाने-

बीन चेयर
यदि आप घर के लिए चेयर खरीदने जा रही है तो बीन चेयर खरीदे। इसका स्टफ इतना सौफट होता हैै कि इस पर बैठने पर आप काफी रिलेक्स फिल करेंगी। साथ ही ये स्टाइलिश लुक देगी। डिफरेंट साईज,शेप और कलर्स में मार्केट में ये उपलब्ध है। घर के कोने में लगी ये चेयर काफी माॅर्डन लुक देगी। और आप देखेंगी आपके घर का लुक ही चेंज हो गया है।
प्राइज-2000 से लेकर 4000 हजार तक

किडस के लिए बीन बैग्स
यदि आप किडस के बर्थ डे पर कुछ गिफट करना चाहते हो तो बिन बैग्स ले सकते है। ये बच्चों  अच्छे लगते है। साथ ही ये हर ऐज ग्रुप के बच्चो के लिए डिफरेंट स्टाइल,साइज और कलर में मार्केट में उपलब्ध है। डिफरेंट थीम्स जैसे एनीमल्स,ट्ी,फलावरस में आपको ये मिल जाएंगे। और आपके कीड्स के रूम में ये काफी अच्छे लगेगे।
प््रााइज- 400 से लेकर 600 सौ तक

बीन काउच
इस बीन बैग काउच को आप अपने बेडरूम में रख सकते है यदि आपकी वाॅल का कलर रैड है तो रेड काउच रखें काफी हाॅट लगेगा। काउच के साथ इसी मटेरियल का स्टूल आता है जिस पर पैर रखकर आप काफी रिलैक्स फिल करते है। साथ ही टीवी देखना हो या फिर लेपटोप पर वर्क करना हो आराम से कर सकेंगे।
प्राइज-2500 से लेकर 4000 तक


 सोफा
ड्ाइंग रूम में सोफा बहुत अहम होता है। क्योंकि सभी की नजर सोफे पर ही जाती है। तो आप बीन सोफा घर में ले आए ये घर को एक माॅर्डन लुक देगा साथ ही गेस्ट आपकी तारीफ करे बिना न रह पाएंगें। इंटीरियर को ध्यान में रखते हुए बीन सोफा मार्केट से खरीदें। यदि आप लेदर मटेरियल में इन्हे खरीदेंगे तो ये आपके ड्ाइंगरूम को रीच लुक देगा।
प्राइज-12000से लेकर 15000 तक

बैडस
हमेशा बैडस मटेरियल ऐसा हो जिस पर लेटने पर आप रिलेक्स फिल करे साथ ही आप सुकून की नींद सो सके। यदि आपके घर में ज्यादा स्पेस नहीं है तो इनमें सोफा कम बैड भी आ रहा है जिससे आप दोनो तरह से यूज कर सकते है। बच्चों को तो इन पर सोने में बेहद मजा आएगा। आजकल लोगो के पास फलैटस हो गए जिसमें ये बैडस अच्छा लुक देते है साथ ही जगह भी कम घेरते है। ये बहुत से स्टाइल एण्ड कलर्स में आपको मार्केट मिल जाएंगे।
प्राइज-10000 से लेकर 16000 तक

आउटडोर बीन फर्नीचर
यदि आप गार्डन या बालकनी में फर्नीचर रखना चाहते है तो बीन फर्नीचर रखें। इनका मटेरियल ऐसा होता है जो धूप और बारिश मे खराब नहीं होता है। साथ ही ये वाॅशएबल भी होते है। साथ ही इतने हल्के होते है कि आप इन्हे कहीं भी ले सकते है।तो देर की किस बात की ले आए अपने घर बीन फर्नीचर।
प््रााइज-800 से लेकर 1000 तक

एक्सेसरीज
बीन फर्नीचर में सोफे और चेयर के कवर अलग से मिल जाते है। जैसे यदि आपको फर,लेदर,काॅटन,वैलवेट आदि बहुत से मटेरियल में मिल जाएंगे जिन्हे आप घर में हर कमरे के हिसाब से कलर और इंटीरियर को देखते हुए कर सकती है।


इस तरह ध्यान रखें इनका-
-यदि बीन सोफा और चेयर के कवर अलग से है और साथ ही इन पर किसी तरह के दाग धब्बे लग गए है तो आप इन्हे ड्ाइक्लीन कराएं। क्योंकि इनको साफ सुथरा रखना भी बेहद आवश्यक है।
-दाग धब्बे पर ध्यान दे कि किस तरह के है और उसी के अकोर्डिंग उन्हे साफ करे।
-ज्यादातर कवर्स काॅटन के होते है तो आप इन्हे घर में भी आसानी से धो सकती है। सही डिटरजेंट का यूज करें।
-इन पर यदि कवर नहीं चढ़े है साथ ही ये लेदर के है तो आप इन्हे रफ कपड़े से साफ कर सकती है।
-इनडौर बीन फर्नीचर तेज धूप से बचाना चाहिए क्योंकि इनका कलर फेड होने का डर रहता है। और फिर ये आपके किसी यूज के नहीं रह जाएंगे।
साथ ही इनकी सौफटनेस बनी रहे।
-लेदर फैब्रिक में स्क्रैच पड़ने का काफी डर रहता है साथ ही यदि आपके घर पैटस है तो उन्हे इस पर चढ़ने से रोके।
-ध्यान रखें यदि बीन फर्नीचर में कही होल हो जाए तो उसे जल्दी ही रिपेयर कर ले नही ंतो वो बेकार हो जाएगा।

हैण्ड बैग्स

 हैण्ड बैग्स

यदि आप किसी पार्टी या ऐसे प्लेस पर जाती हैं।जहां हर किसी महिला की नजर आपके ड्ेसिंग सेंस पर होती है।तो आप सोचती हैं कि आप पूरी तरह वैल मेंटेन हों।सबसे पहले तो आपका ध्यान अपने ड्ेसिंग सेंस और स्लीपर्स पर ही जाता होगा इसके अलावा यदि आपका ध्यान अपने साइड मे लटके बैग पर नहीं है तो ध्यान रखिए आप पूरी फैशनेबल तभी लगेगी जब आपकी हर चीज फैशनेबल हों।आजकल बहुत से डिफरेंट लुक वाले बैग्स चलन में है।ये बैग्स आपके लुक्स पर काफी प्रभाव डालते है। कालेज स्टूडेंटस हो या महिलाएं,हैंड बैग्स सभी की जरूरत में शामिल है।जहां महिलाओं को गिल्टर वाले बैग्स काफी पसंद आते है वहीं यंग गल्र्स इन बैग्स को पसंद नहीें करतीं।क्योंकि इनकी डच्यूरेबिलिटी ज्यादा नहीं होती है। बल्कि ये जनरेशन ग्लैमरस बैग्स को रखकर इठलाना पसंद करती है।

बैग्स फार इन
आजकल छोटे साइज के हैंडी बैग्स काफी लोकप्रिय है।साथ ही एनिमल प्रिंट बैग्स भी बेहद पसंद किए जा रहे हैं।साथ ही फंकी और ट्डी बैग्स फैशन में है।क्लासिक बैग्स महिलाओं में ज्यादा पसंद किए जाते हैं जोकि  स्टाइलिश और ग्लैमरस लुक देते है।

सिचुएशन के अकोर्डिंग
जब भी आप मार्केट से बैग खरीदने जाए तो ये देख लें कि ये आपकी पर्सनैलिटी पर सूट कर रहा है या नहीं।आपका आॅफिशियल बैग सिपंल और क्लासिक होना चाहिए। लेकिन ये ध्यान रखें कि इस तरह के बैग्स को किसी पार्टी में नहीं ले जाया जा सकता इसकी जगह आप ग्लिटरिंग और एक्सेसरीज वाले बैग्स इस्तेमाल करें।सिचुएशनल डिमांड के अनुसार बैग्स का चुनाव करना चाहिए।

ए काॅम्पिलमेंट टू युअर फिगर
स्लीपर्स और हैंड बैग्स दोनों ही महिलाओं के बेस्ट फ्रैंड होते हैं।महिलाओं का हैंड बैग दो उददेशय पूरे करते हैं।इनमें मोबाइल,क्रेडिट कार्ड और खासतौर वर रूप्ए रखे जाते हैं।और दूसरा ये फैशन स्टेटमेंट में शामिल किए जाते है।हैंउ बैग्स अकसर आपका मूड,इंडी विजुअलिटी,स्टाइल और स्टेटस बताते हैं।हैंड बैग डिफरेंट शेप और स्टाइल में मिलते है जो आपके फिगर को सूट करते हों आप उन्ही का चुनाव करें।यह चुनाव आपके फिगर को काॅम्प्लिमेंट के साथ प्रेजेंट करेगा और आपके आउटफिट पर भी निर्भर करने वाले बैग्स की बात ही अलग होगी।

बैग्स ड्ेस और फिगर के अनुरूप
यदि आप कैजुअल लुक चाहती है तो बड़े हैंड बैग्स केजुअल लुक देते है जो लूज टाॅप और स्कर्ट पर मैच करते हैं जबकि छोटे बैग जीन्स और क्लोज फिटिंग टोप पर मैच करते हैं।ब्लैक बैग को तो आप किसी भी ड्ेस के साथ पहन सकते है।इवनिंग गाउन के साथ तो ये बैग अलग ही लुक देते है।ड्ेसी हैण्ड बैग अपस्केल ईवनिंग विअर के साथ सूट करते हैं।यदि आपके फिगर पर सूट करते हों तो लार्ज बैग्स भी फैषन में प्रचलित हैं।राउंड और स्क्वेयर षेप के पर्स आप उपयोग कर सकती है,यदि आप स्लिम और हाइटेड है। बाॅटल शेप हैंड बैग का उपयोग मिडिल हाइट की युवतियो को सूट करेंगे।बैग में एडजेस्टमेंट हैंडल्स हों तो आप वेस्ट लाइन के अनुसार उसे सैट कर लें।

कलर्स दे अट्ैक्टिव लुक
पर्स खरीदते समय कलर्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।डिफरेंट कलर के हैंड बैग्स आपके आउटफिट से मैच कलर्स को भी अट्ेक्टिव लुक देते है।सिंगल कलर्ड ड्ेस पहनना हो तो मल्टी कलर्ड हैंड बैग का इस्तेमाल सीजन के अनुसार भी किया जा सकता है।

मटेरियल फाॅर हैण्ड बैग्स
लैदर आॅल टाइम फेवरेट है क्योंकि इसे किसी भी आउट फिट और हर सिचुएशन में  लिया जा सकता है।लैदर बैग के अलावा भी स्टाइलिश फैब्रिक और स्ट्ा बैग प्रिफर किए जा सकते है।

आर्टिफिषल ज्वेलरी आपके बजट के अनुकूल



जब बात ज्वेलरी की हो, तो आज सोने के दाम इतने अधिक बढ़ गए है कि ज्वेलरी खरीदना काफी मुष्किल सा प्रतीत होता है ऐसे में महिलाएं आर्टिफिषयल ज्वेलरी के तरफ काफी अट्ैक्ट हो रही है क्योंकि वह उनके बजट के अनुकूल बैठ पाती है। आज आर्टिफिषल ज्वेलरी की मार्केट में काफी वैरायिटी है जिन्हें  आप अपनी ड्ेसेज के आकोर्डिंग पहन सकती हैं। आईए हम आपको यहां कुछ आर्टिफिषल ज्वेलरी के बारे में बताते हैं-

क्रीस्टल ज्वेलरी
आर्टिफिषल ज्वेलरी में क्रीस्टल ज्वेलरीे का काफी चलन देखा जा रहा है। आज की महिलाएं काफी स्मार्ट हो गई है वे फिल्मों में से इन ज्वेलरी के डिजाइन काॅपी करके जूलरी डिजाइन करवा लेती हैं। इससे वे लेटेस्ट ट्ेंड को फाॅलो करती हैं।इन जूलरी को डिजाइन करने में मुष्किल से 5000 रूप्ये तक का खर्च आता है। साथ ही ये मार्केट में भी आपको 500 से 6000 तक की रेंज में मिल जाएगी।

बीडेड ज्वेलरी
मैचिंग ज्ेवलरी का काफी ट्ेंड चल पड़ा है साथ ही बीडेड ज्वेलरी बहुत से कलर्स मे मार्केट में उपलब्ध है। ये बेहद सस्ती और स्टाइलिष भी है। इनकी कीमत 20 रूप्ये से षुरू होती है। इन्हें आप अपनी ड्ेस से मैच करते हुए पहन सकती हैं। बारिक बीड्स की गले पर कसी हुई माला तो सबकी पसंद है,पर किसी खास मौके पर गले में लटकती बड़े बीड्स की लंबी माला भी आपको खास बना सकती है। या फिर आप गले की खुबसूरती को निखारने के लिए बारिक बीड्स की काफी सारी लड़ियां जो रंग बिरंगी हों को लेकर उन्हें बल दे दें।बलखाते रंगों के उतार चढ़ाव से भरा आपका गला किसी का भी मन मोह लेगा। इनके साथ मैचिंग के ईयररिंग्स और ब्रेसलेट तो काफी अट्ैक्टिव लुक देगे।

थ्रेड ज्वेलरी
धागों का गहने के रूप में उपयोग जिसे आजकल थ्रेड ज्वेलरी कहा जाता है। इसमें हार,मंगलसूत्र,करधनी की डोरियां, लटकनें,कंगन, अंगूठियां आदि बनाए जाते हैं।इन आभूषणों की लोकप्रियता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि महिलाएं अपने कीमती जेवरों ,हार,कन्दौरा ,मंगलसूत्र आदि के लिए भी सोने अथवा चांदी की चेन बनवाने की अपेक्षा अंाकड़ा युक्त डोरी पहनना ही अधिक पसंद करती हैं। यहां एक और फायदा यह भी है कि सामान्य बजट में रंग बिरंगी डोरियां वाले कई सेट आप बनावाकर रख सकती हैं और एक ही पेंडेट को कई तरह की डोरियां के साथ प्रयोग में  ला सकती है।

सेमी प्रिंषियस स्टोंस से तैयार ज्वेलरी
पिछलें कुछ समय से सेमी प्रिंषियस स्टोंस से बनी जूलरी खूब पसंद की जा रही है। यह जूलरी हर ड्ेस से मैच हो जाती है और मार्केट में हर प्राइज रेंज मे ंउपलब्ध है।ये सभी आयु वर्ग की महिलाओं पर अच्छी लगती है। हर कलर मे ंउपलब्ध होना भी इनकी खासियत है। सेमी प्रिषिंयस स्टोंस से तैयार जूलरी साड़ी,स्कर्ट,कुर्ती के साथ कैरी कर सकते हैं। काॅन्टेम्परेरी जूलरी का भी इन दिनों काफी चलन है। जींस पहनी हो या साड़ी,इससे तैयार ब्रेसलेट,नेकलेस, पेंडेंटस,ईयररिंग्स वगैरह ग्लैमरस लुक देते है।

पेपर जूलरी
आप पेपर जूलरी के जरिए अपना षौक पूरा कर सकती है। रिसाइकिल्ड कागज से बनी ज्वेलरी पानी के साथ तैयार की जाती है।पर्यावरण अनुकूल होने के अलावा यह हल्के ज्यादा समय तक चलने वाले और सामान्य दबाव को झेलने मे ंसक्षम होते है। पानी के सम्पर्क पर आने पर यह ज्वेलरी खराब नहीं होती।आजकल ये ज्वेलरी काफी पसंद की जा रही है इस जूलरी में क्रिस्टल स्टोन,कुंदन, ग्लास बीड्स ,पोल्की सेमी पेषियस स्टोंस आादि का इस्तेमाल किया जाता है। इनकी कीमत 45 से 50 रूप्ये से षुरू होती है।

ऐसे सजाएं बच्चों का रूम



बहुत अधिक पैसा खर्च कर के कमरे में सजाया गया फर्नीचर,सजीली दीवारें,लाइटें भी कई बार बच्चों को वह सुकून नहीं दे पातीं,जो उन्हें मिलना चाहिए।इस का कारण यह हो सकता है कि कमरे की सजावट प्राकृतिक वातावरण और बच्चों के मूड व रूचि के अनुरूप न हो।
इस संबंध में 30 वर्षीय अध्यापिका अनीता का कहना है,‘‘हम ने अपना घर बनवाते समय इस बात का विषेष ध्यान रखा कि घर के अन्य कमरों की ही तरह बच्चों का कमरा भी उतना ही सुंदर हेा ताकि वे खुद को कमरे में तरोताजा व खुष पाएं।इस के लिए हम ने इंटीरियर डिजाइनर की मदद ली।यानी बच्चों का कमरा उन की जरूरतों को ध्यान में रख कर तैयार कराया गया’’
इंटीरियर डेकोरेटर रोहिणी रौतेला ने बताया बच्चों के कमरे को सजाना कोई मजाक नहीं है।इसे सजाते समय बच्चों के ष्षरारतीपन,उन की पर्यावरण को जानने की ललक,चांदतारों,जानवरों,फूलों या अन्य किसी चीज को ध्यान में रखना बेंहद जरूरी है।अब बच्चों के कमरों को भी विषेष लुक देने की जागरूकता लोगों में आ रहीं है।अब केवल ड्ाइंगरूम ही क्लासी नहीं होता।घर के हर कोने के साथसाथ बच्चों का कमरा भी रचनात्मता से सजा होना चाहिए’’
बच्चों के कमरे का इंटीरियर करते समय निम्न बातो का ध्यान जयर रखें-
-अगर बच्चा समझदार है या उस की आयु इतनी है  िकवह अपनी पसंद का रंग कमरे की दीवारों के लिए बता सके तो उस की जरूर सुने।
-कमरे की दीवारों के लिए पेस्टल,ब्राइट यानी सोबर रंग ही चुनें।रंग बच्चों की मानसिकता को बहुत प्रभावित करते है।
-बच्चों की पसंद के सामान से ही कमरा सजाएं।उन की पसंद के खिलौनों में स्टफड टायज,कारें तथा हस्तनिर्मित सामान को अधिक महत्व दें।अगर आप खुद या सिकी इंटीरियर डिजाइनर को कमरे को डेकोरेषन का जिम्मा सौंपते हैं तो कमरे के सामान की खरीदारी के समय बच्चे को साथ जरूर ले जाएं।
-कमरों में व्हाइटवाष के साथ चित्रात्मक वालपेपर या दीवारों पर जानवरों,सूर्य,चांद,तारों के मोटिफ,वर्णमाला के अक्षर या फिर कोई प्राकृतिक पेंटिंग कराएं।
-कमरे की सजावट,दीवारों का रंग,पेंटिंग बच्चे को प्राकृति के नजदीक होने का आभास तो कराए ही उसे कोजी फीलिंग भी दें।
-कमरें में खिड़की या खिड़कियां जरूर हों ताकि सूर्य की रोषनी हर ओर पहुंच सके।यह बच्चों के ष्षारीरिक विकास में मदद करेगी।
-कमरे के परदे हलके मटीरियल व हलके रंगीन प्रिटेंड तथा फलोरल प्रिंट वाले ही लगाएं।
-बेड की चादर व पिलो भी कलरफुल ही बिछाएं।
-अलमारियों व कबर्ड पर सुंदर,रंगबिरंगे मोटिफ बनवाएं।
-बच्चों के कमरे में स्टडी टेबल,बुक्स रैक,कबर्ड इत्यादि की उचित सुविधा होनी चाहिएं।
-बच्चों के कमरे को सजाया जाने वाला सामान कांच व मिटटी का न हो।यानी उन्हे नुकसान पहुंचाने वाली कोई भ्ीा वस्तु वहां न रखें।
-बच्चों को यदि पेंटिंग आदि का ष्षौक है तो कमरे में कैनवस स्टैंड की व्यवस्था करे।
-कमरे का फर्नीचर आरामदायक हो व कहीं से भी नुकीला न हो।भारी तो बिल्कुल न हो।उन के लिए एअर फीलिंग सोफा आदि भी ले सकते है।
-कमरे का फर्ष भी आकर्षक होना चाहिए।
-कमरे को बच्चों की तसवीरों से भी सजा सकते है।
-बच्चो ंके लिए सोफा कम बेड लें जिसे वे आसानी से खोल और बंद कर सकें।

Thursday, September 28, 2017

Bachchon ke liye kitna sach jaruri

बच्चों के लिए कितना सच जरूरी है

मां बाप का स्थान बच्चों की जिंदगी में बेहद अहम होता है या यूं कहे कि वे बच्चे की नींव होेते है। जिनका असर बच्चे की हर गतिविधियांे पर पड़ता है। बच्चे के लालन पालन के लिए वे कुछ भी कर गुजरने की इच्छा रखते है लेकिन आपकी कुछ कमियां या आदतें बच्चों पर काफी असर डालती है। यदि यहां हम झूठ का विवरण करे तो हकीकत में देखा जाए तो शायद ही ऐसा केाई कार्य होगा जो झूठ बोलकर ही किया जा सकता हो। परन्तु कई मानदण्डों और परस्थितियों में शायद कई बातें बच्चों से छुपाना ही श्रेयस्कर होता है। लेकिन बेवजह के वे छोटे छोटे झूठ हम जाने अनजाने बच्चों के समक्ष बोलते है इससे बच्चों की मानसिकता पर बेहद गहरा प्रभाव पड़ता है। इससे उनके अंदर सच और झूठ का महत्व ही समाप्त हो जाता है। इसका खामियाजा उनको शायद तुरंत ज्ञात नहीं होता परन्तु अपने जीवन की भावी परस्थितियों का सामना करके पता चलता हैं। जहां उन्हे कई बार शर्मिंदगी तक झेलनी पड़ सकती है। इसलिए जरूरी है कि अभिभावक कुछ बातों का ख्याल रखंे-

बच्चों के व्यक्तित्व पर पड़ता असर
बच्चों का मन एक कोमल पौधे की तरह होता है उसे आप जिस प्रकार खाद पानी यानि की विचार और शिक्षा देंगे वैसा ही उसका विकास होगा। बच्चों के व्यक्तित्व पर सबसे ज्यादा मां बाप का असर होता है। हमारे समक्ष बहुत से ऐसे माता पिता होते है जो स्वयं ही बच्चे से झूठ बुलवाते है। जैसे यदि कोई फोन आया है या फिर कोई दरवाजे पर है और मां बाप उनसे मिलने या बात करने के इच्छुक नहीं है तो वे बच्चे से बुलवा देते है कि बोल दो हम घर पर नहीं है। यह हम क्या संस्कार दे रहे हैं, बच्चों को? हम घर पर बैठे हैं, मां घर में ही है लेकिन बच्चे से कह रही है- जाकर बोल, मम्मी घर में नहीं है या कई बार कोई अन्य आया और हमने कह दिया कि बोल दे, पापा घर पर नहीं हैं, जबकि वे घर में ही बैठे हैं।अब जब बच्चा हमारे सामने, हमीं से झूठ बोलता है तो गुस्सा आता है। डांटते हुए कहते हैं- मम्मी से झूठ बोलता है, पापा से झूठ बोलता है। शर्म नहीं आती।

बच्चों में बढ़ता बढ़पन
बच्चों में समय से पहले इस कदर बढ़पन आ गया है कि वे किसी की भी कदर करना नहीं जानते इसका श्रेय भी मां बाप को ही जाता है। आरूश और कनिका दोनो को ही महौले में ज्यादा लोग पसंद नहीं करते क्योंकि वे बात बात पर बड़ों जैसा व्यवहार करते है। उनकी मां सुमन भी उन्हे कभी नहीं रोकती टोकती है पड़ोसियों से कभी गलत तरीके से कभी रौब से तो कभी किसी बात पर झूठ बोल देते है जिससे उनका ऐसा व्यवहार किसी को भी सहन नहीं होता है। और हमेशा ये बच्चे और इनके मां बाप चर्चा का विश्य बने रहते है कि बच्चों को न जाने कैसे संस्कार दिए है।‘‘ लेकिन इसमें दोश मां बाप का है क्योंकि जब बच्चा बड़ो की बातों में समय से पहले रूचि दिखाने लगता है तो जरूरी हो जाता है कि समय रहते आप बच्चे को समझाए कि क्या गलत है और क्या सही ? क्योंकि इसका सीधा असर उनके व्यक्तित्व पर पड़ेगा।

बच्चे क्यों सच बोलने से कतराते है?
शिशु मनोचिकित्सक डा0 दिपाली बत्रा के अनुसार सबसे जरूरी बात है कि बच्चा क्यों झूठ बोलता है उसे कई तरह के चाइल्ड डिर्साडर हो सकते है। अक्सर छोटे बच्चे बात बात में झूठ बोलते है इसकी वजह अमूूूमन भय,असुरक्षित माहौल आदि हो सकता है। उन्हे लगता है कि अगर वे झूठ बोलेंगे तो मां बाप के गुस्से और मारपीट से बच सकेंगे। बच्चे और पैरेंटस के बीच दूरियां भी बच्चे को अपनी कई बातें मां बाप से छुपानी पड़ जाती है। क्योंकि यदि वह पैरेंटस को सच बता देता है तो माता पिता नकारात्मक रूप से उसके सामने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते है। साथ ही इतने अधिक उत्तेजक हो जाते है कि बच्चा घबरा कर बार बार झूठ बोलने पर मजबूर हो जाता है। साथ ही बच्चे के लिए माता पिता एक रोल माॅडल की तरह होते है हमारे व्यवहार को वे बेहद ध्यान से समझते है और उनमे ढलने की कोशिश करते है ऐसे में जरूरी है कि आप पहले स्वयं पर ध्यान दें कि आप किस तरह का व्यवहार और लोगों के साथ करते है साथ ही किस तरह आप स्वयं बिना वजह के झूठ बोलकर बच्चों में भी उन्ही आदतों का विकास करते है। ऐसे में जरूरी है कि आप ऐसा माहौल बनाएं जिसमें बच्चा बिना झूठ बोलें आपसे स्वयं आकर अपनी बातों को शेयर करे। साथ ही कम से कम पूरे दिन में 20 मिनट उससे बातें करे और उसकी बातों को समझने की कोशिश करे।

सच का महत्व समझाएं
हम अक्सर बच्चों के सामने रिश्तेदारो और दोस्तों को लेकर बुराईयां कर रहे होते है। लेकिन जरूरी नहीं कि यदि फलां की बुराई करने से आप सही साबित होते है। हो सकता है कि सामने वाले में इतनी बुराईयां न हो लेकिन आप गुस्से मंे उसके बारे में गलत शब्दों का प्रयोग या झूठ बोलकर उसे गलत ठहराना चाहते हो। लेकिन इससे बच्चे के मन पर गहरा असर पड़ता है बच्चे के मन में अपने रिश्तेदारों के लिए नकारात्मक छवि बन जाती है। अगर बच्चों के व्यवहार में भी यह अवगुण आ जाए तो रिश्तेदारों और मित्रों के बीच बच्चों की छवि भी खराब होती है। लेकिन यह भी जरूरी है कि आप अपनी बुरी आदतों को सुधारने के साथ साथ बच्चों को भी अच्छी आदतें सिखाने के लिए प्रेरित करे। जिससे उनका भविश्य उज्जवल हो।

कुछ बातों पर ध्यान दें-
-अक्सर बच्चें माता पिता की नक्ल करते दिखते है। उनके सामने कुछ भी करने और बोलने से पहले हजार बार सोच लें कि आपके बच्चे पर इसका क्या असर पड़ेगा? क्योंकि बच्चे का पहला स्कूल तो घर ही होता है।
-बच्चों को समझाने के चक्कर में हम सच का सहारा न लेकर झूठ का सहारा ले लेते है।  जैसे बच्चों से झूठा वादा करना यानी उनकी मनपसंद चीज लाने को कहना और फिर न लाना, बच्चों के मन में पैरेंट्स के प्रति विश्वास कमजोर कर देता है. ऐसा करने पर बच्चा पैरेंट्स की किसी बात पर यकीन नहीं करेगा।
-याद रखें कि हमेषा षालीन भाषा का ही प्रयोग करे क्योकि इससे बच्चों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। जैसा आचरण हम करते है बच्चे भी वैसा आचरण करते प्रयोग करते हैं, वैसी की वैसी ही भाषा एक विज्ञापन ( मनोविज्ञान) के प्रचार अभियान की तरह बच्चों के मन-मस्तिष्क में घर करती जाती है तथा बच्चा धीरे-धीरे उसे ही सच मानने लग जाता है एवं उसकी वास्तविक प्रतिभा कहीं खो-सी जाती है अत उसे कुंठित न करें।
-झूठ को चाहे जितना मरजी तोड़ मरोड़ कर पेश किया जाए पर वह सच के सामने बौना ही साबित होगा।



बच्चों में इन 10 तरीकों से डालें काम की आदतें: Good Habits

  POST पेरेंटिंग लाइफस्टाइल good habbits by   Nidhi Goel April 1 Click to share on Twitter (Opens in new window) Click to share on Facebook ...

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